टैग : आप सचेत कैसे रह सकते हैं

एक किताब के बहाने….

श्रीमद्भवद्गीता में कहा गया है ‘सुख-दुःखे समेकृत्वा’ रहना होगा, भले ही सुख आए या दुःख आए यदि आप तटस्थ रहें तो धीरे-धीरे आप परमानंद...

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